अस्थमा को सिगरेट से दूर करने का रामबाण इलाज
अस्थमा:-
आप जानते है की अस्थमा (दमा) एक बहुत ही खतरनाक बिमारी है जिसको समय रहते ठीक ना किया जाये तो जान लेवा बन जाती है यह रोग भिन्न भिन्न कारण से हो सकता है जिसके कारण हमारे शरीर के फेफड़े फूलना बंद हो जाते है या ये कहे की सांस लेना बंद कर देते है या बहुत कम लेते है जिसका एक कारण फेफड़े में सूजन भी होता है फेफड़े में सूजन का कारण धूम्रपान भी हो सकता है
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| अस्थमा को सिगरेट से दूर करने का रामबाण इलाज |
अस्थमा (दमा) से घर्षित लोगो को धूल मिट्टी और धुएं से एलर्जी होने लगती है व् सांस लेने में तकलीफ होने लग जाती है तेज भागने पर, पहड़ो पर चढ़ने पर ,साइकल चलाने पर, अधिक देर तक रोड पर चलने पर भी उनका सांस फूलने लगता है जो लोग सिगरेट पीते है उनको यह समस्या अधिक होती है
इस ब्लॉग पोस्ट में अस्थमा का उपचार "सिगरेट बना कर" "उसको उपयोग में ला कर" ही ठीक करेंगे जो लोग सिगरेट पीते है उनके लिए यह आयुर्वेदिक उपचार सबसे बढ़िया है वैसे तो हमने अस्थमा (दमा) के लिए धतूरे की काली भस्म के बारे में बताया है जिसका लिंक दिया गया है -आप ( ''अस्थमा के लिए घरेलू उपचार - धतूरा एक रामबाण इलाज'') पर क्लिक करके जानकारी हासिल कर सकते है पर हम यहाँ धतूरे का प्रयोग करके अस्थमा के आयुर्वेदिक उपचार के लिए सिगरेट बनाएगे
औसधि:-
- काले धतूरे का पंचांग(जड़, फल ,फूल ,पत्ता ,और डाल)
- भांग और
- कलमीशोरा
पांच पांच तोले लेना है
विधि :-
- धतूरे का पंचांग (जड़, फल ,फूल ,पत्ता ,और डाल) को तोडना है
- इन सब के छोटे छोटे टुकड़े कर लो
- अब भांग को इनके साथ मिला कर कूट लो
- कोई भी तार वाली छलनी से छान कर चूर्ण को अलग कर लो
- अब एक तामचीन ,कठाया पत्थर के बर्तन में चूर्ण डाल ले
- अलग से कलमीशोरा ले उसमे थोड़ा सा जल मिला ले
- बर्तन में रखा चूर्ण में पानी में मिला कलमीशोरा मिला ले
- अगर अच्छे से ना मिले तो पानी के छींटे मार मारकर दोबारा मिलाये
- अच्छे से मिलने के बाद चूर्ण कुछ मुलायम सा लगेगा
- एक छोटा सिगरेट बनाने वाले कागज़ लो
- कागज में थोड़ा चूर्ण रख कर लेई या अरारोट से उसे साट दे
आयुर्वेदिक सिगरेट के लाभ :-
- इसको लेने से या पीने से अस्थमा या दमे का दौरा रुक जाएगा
- रोगी को नींद भी अच्छी आएगी
उपयोग:-
जिस दिन दमे का या अस्थमा का दौरा हो या दमे/अस्थमा के जोर पकड़ रहा हो उस वक्त एक सिगरेट पीकर ऊपर से एक या दो गिलास गाये का गुनगुना दूध पीना चाहिए इस औषदि या घरेलु उपचार में धतूरा और भांग है इसकी खुश्की को दूध ही दूर कर सकता है
नोट :-
दूध के साथ लेने से औषधि की गर्मी के कारण रोगी को जो बेचैनी सी होने लगती है वो नहीं होती इसलिए दूध के साथ ही लेने को कहा जाता है
इसका उपयोग सोच समझ कर ही करना चाहिए
यह और्वेदिक उपचार करने से पहले और लेने से पहले डॉक्टर या वैध का परामर्श जरूर ले
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